इंकार किया है

इन फूलों ने खिलने से इंकार किया है,
इन बूंदों ने गिरने से इंकार किया है,
चांद भी अब कतरा-कतरा पिंघलने लगा,
जबसे लैला ने मजनू को मिलने से इंकार किया है।

इन दवाओं ने असर करने से इंकार किया है,
खुदा ने दुआ कुबूल करने से इंकार किया है,
रब भी लैला को ना मना सका,
जबसे लैला ने मजनू को मिलने से इंकार किया है।

उजालों ने दिन को मिलने से इंकार किया है,
परिंदों ने चहकने से इंकार किया है,
हवाएं भी अब सहम सी गई,
जबसे लैला ने मजनू को मिलने से इंकार किया है।

वक्त के कांटों ने आगे भड़ने से इंकार किया है,
पेड़ों के सूखे पत्तों ने झड़ने से इंकार किया है,
कुदरत भी अब तड़पने लगी,
जबसे लैला ने मजनू को मिलने से इंकार किया है।

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