किसी चीज़ को बरसों जीने के बाद

किसी चीज़ को बरसों जीने के बाद
उसका हमसे दूर हो जाना,
ठीक ऐसे ही है
जैसे किन्हीं कपड़ों का
लम्बे वक़्त तक पहने रखना,
जिसे त्यागने के बाद भी
उसके निशाँ शरीर पर बने रह जाते हैं…

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