कोई शिकायत या रंजिष…

हा गुस्सा करलो हम्पर
नाराज़ भी तुम हो जाना
पर हमारी सफाई सुनकर
हमसे सुलाह करके ही सोजना
क्या पता की अगला सूरज
हम्मेसे किसी एक केलिये ही उगजाय
कहीं ऐसा ना हो एक दूजे के आखरी याद में
कोई शिकायत या रंजिष रेह जाय…

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