तुम्हारे जैसी सुंदरता

तुम्हारे जैसी सुंदरता कहाँ से लाऊँ?
कहाँ से लाऊँ तुम्हारे जैसी मासूमियत?
तुम जिस तरह प्रेम करते थे,
वह प्रेम कहाँ से लाऊँ?

तुम तो मुझसे कहते थे कि
मैं किसी का भी हृदय चुरा सकती हूँ,
पर अब मैं तुम्हें तुम्ही से कैसे चुराऊँ?

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