‘लग जा गले’

सुनो, तुम्हें नहीं लगता तुमने कुछ ज्यादा जल्दी ही खतम कर दिया,
अभी थोड़ी और बातें हो सकती थी,
अभी थोड़ा और अधिक एक दूसरे में खो सकते थे,
अभी थोड़ी और अधिक एक दूसरे की पसंद नापसंद जान सकते थे,
अभी हम इस रिश्ते को थोड़ा और संभाल सकते थे,
पर तुम्हे नहीं लगता तुमने इसे पकड़ भी छोड़ दिया।

सुनो, मुझे पता है तुमने इसे छोड़कर उस दूसरे रिश्ते को संभालना ज्यादा ज़रूरी समझा था,
जब तुम्हे पता लगा कि मुझे इस बारे में पता है,
तो तुम्हारे व्यवहार ने मुझे हमारे रिश्ते के टूटने से भी ज्यादा चोट पहुंचाई,
हाँ, मुझे पता है कि तुम्हे फर्क नहीं पड़ता,
और अब मैं भी इसी कोशिश में हूँ,

किसी समय में मैं ये सोचती थी कि तुम्हारा अस्तित्व ही मेरी कहानियों की पहचान है
मैं ऐसा सोचती थी कि तुम्हारा ज़िक्र किये बिना ये कहानियाँ अधूरी हैं,
परंतु अब कोशिश ये है कि तुम्हारा ज़िक्र कम से कम होगा।

हाँ, तुमसे कुछ पूछना भी था,
जिसके लिए सही वक़्त का इंतज़ार कर रही थी,
जो कभी मिला नहीं,
तुम्हें नहीं लगता, ये “लग जा गले” गाना अपने लिए ही बना था?

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