“वह कहकर भूल गए”

वह कहकर भूल गए,
पर हमनें सुनकर याद रखा।
मेरे गिरने पर सबने हँसकर चिढाया,
वह हँसकर भूल गए,
पर हमने सुनकर याद रखा।
मेरे दुख पर उन्होंने खुशी जताई,
वह जताकर भूल गए,
पर हमने देखकर याद रखा।

वह कहकर भूल गए,
पर हमनें सुनकर याद रखा।
मेरी नाकामयाबी उन्हें सुकून देतीं,
वह सुकून भुल गए,
पर हमनें नाकामयाबी याद रखी।
मेरी खामियां उन्हें हँसी देतीं,
वह हँसी भूल गए,
पर हमने खामियां याद रखी।

वह कहकर भूल गए,
पर हमनें सुनकर याद रखा।
यही कुछ बातें, कुछ इस कदर याद रही,
की इनके साथ हसना ही भूल गए,
न हमनें उनपर हँसने की आदत रखी,
और न उनके साथ हँसने का शौख।

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