सुल्तान

पौधा से छोटा मैं, पेड़ बनाके छोड़ा है
आपके खर्चे समय ने मुझे कुबेर बनाके छोड़ा है..

एक बूंद आँशु मैं, सागर बनाके छोड़ा है
खुदको जानने की चाह ने प्रखर बनाके छोड़ा है..

दृश्य पर अनजान मुझे उल्का तारा बनाके छोड़ा है
मोहब्बत ने मुझे उभरता सितारा बनाके छोड़ा है..

पत्थर सा कठोर मैं, कपास बनाके छोड़ा है
किसी विद्द्योतमा ने मुझे कालिदास बनाके छोड़ा है..

छोटी नौकाका केवट मैं, कप्तान बनाके छोड़ा है
खुदा के आशीर्वाद ने मुझे सुल्तान बनाके छोड़ा है!

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