हिंद की पुकार हिंदी

शब्द शब्द देवता हैं हर आखर मोती है। वर्ण वर्ण बोलता है पठनीय बपौती है। हिंदी से मुखर हम

हिंदी से प्रखर हम

हिंद की पुकार हिंदी ये ब्रह्मा चुनौती  है।

      भाषा की बोलियाँ हैं न्यारी न्यारी

      माता की बेटियां ज्यों प्यारी प्यारी

      गांव ग्राम की गलियों में

      भांति भांति की कलियों से

    हिंदुस्तान की सजी है प्यारी प्यारी।।

कोटि कोटि कण्ठ गाए, अनमोल प्रभाती है।

हिंद की पुकार हिंदी, ये ब्रहम चुनौती है।। 

भावों के गीत मीठे-मीठे गाए।

ख्वाबों के रंग धीमे-धीमे छाए।

बात दिल की कलिका से,

बात मन की लतिका से,

होठों के द्वार प्रिया सी आ जाए।।

शस्य श्यामला रहे माँ  महनीय मनौती है।

हिंद की पुकार हिंदी यह ब्रह्म चुनौती है।।

       फैली है विश्व में भाषाएँ सारी।

       हिंदी है लोकमाता वाणी धारी।

        चाइनीज फ़्रेंच अंग्रेजी,

        पुर्तगीज हो या फिर रूसी

         सारे श्रृंगार पर ये बिंदी भारी।।

सीखते सभी जबानें पर इश्क भगौती है। हिंद की पुकार हिंदी ये ब्रह्म चुनौती है।।

शब्द शब्द देवता हैं हर आखर मोती है।

वर्ण-वर्ण बोलता है पठनीय बपौती है।

हिंदी से मुखर हैं हम

हिंदी से प्रखर है हम

हिंद की पुकार हिंदी यह ब्रह्म चुनौती है।।

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