Bin Tere

अपने अपनोसें यू रूठेंगे, कभी सोचा ना था।
ऐसी मुश्कील का हल, ख्वाबोमेंभी खोजा ना था।
बात इस कदर बिघडेगी, अगर होता पता।
तमाशा देखते क्या यूहीं, अब तुही बता।

अंजान हूं इस बातसे, मुझसे क्या हुई ख़ता।
बेवजह क्यूं मोहब्बत, हुई लापता।
बिन मेरे तेरा जिना, इतना आसान था।
बडा बेतुका रहा होगा, अपना ये रीश्ता।

मेरी सांसें भी बैचेन है, होके तेरी खुशबू से जुदा।
आंखे तरस गयी है देखने, तेरी हर मासुम अदा।
मेहफूज रेहता है बंदा, पराये बद्दुआ दे भी सदा।
पर अपनोंकी दुआ रूकनेसे, रूठ जाता है खुदा।

टूट चुका हूं, मुझको अब और ना सता।
फिर एक बार मुझपे तू, अपना हक जता।
जिंदगी रूकती नही ये सच, मै हूं जानता।
पर बिन तेरे जिंदगी, जिंदगी ही क्या।

:- मोहित केळकर©️

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