Hum sab milkar

हरकतें शर्मनाक जारी दर्दनाक ये हादसे
मुक्त होगा देश कब इस विकृति की जकड़ से
हम सब मिलकर ही तो कल को लाएंगे बदलाव ये
जिम्मेदारी ये हमारी टालना ना तू इसे

क्या बलात्कार का है ताल्लुक सिर्फ शरीर की भूख से
या फिर सत्ता जताने का घिनौना जरिया है ये
नर नारी में फरक नही बेटों को ये तू सीख दे
दूर रखना है उन्हे पुरुष के वर्चस्व से

स्त्री ये शक्ती स्त्री की भक्ती बस पूजा-पाठ में
भारत माता ये कहना शोभा नही देता हमे
धर्म-कर्म छोड अब तू हकीकत मे सम्मान दे
खौफ ना हो कोई स्त्री के दिल मे जीने दे उसे चैन से

छोडना होगा हमे परखना पहनावे से
स्त्री स्वतंत्र व्यक्ती है वो लेगी अपने फ़ैसले
सुरक्षित माहौल हो बस इतनी उस की मान ले
ना का मतलब ना ही है ना जाने देना ध्यान से

:- मोहित केळकर©

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