तन्हा दिल से बात 🥀
- hashtagkalakar
- Jan 11
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Updated: Jan 18
By Prakul Garg
आसान था उनसे दिल लगाना,
पर ना आसान हुआ इस दिल को समझाना
कि वो चली गई अब नहीं आएगी,
दिल भी बोल पड़ा,
“फिर हमसे ये ज़िंदगी अब नहीं काटी जाएगी”।।
हमने फिर भी बहुत कोशिश की इस दिल को बहलाने की,
पर ये तो त्यारी कर बैठा था लोगों से नहलाए जाने की।।
हमने कहा,
“रुको ज़रा, समझो हमारी बात को,
माना अब कोई नहीं होगा पूछने वाला हमारे हालात को,
पर कोई और आ जाएगा लेने हमारी बारात को।“
उसका जवाब आया,
“अब कैसे सुकून पाऊंगा मैं हर रात को,
तू भी तो समझ मेरी बात को”।।
काफ़ी तदबीर लगाने के बाद भी ये ना माना,
कहने लगा,
“अब बहुत हुआ तेरा मुझे समझाना,
पर अब ना सह पाऊंगा उसके नाम से लोगों का मुझे चिड़ाना।
करना चाहता हूं इस तन्हा ज़िंदगी को खत्म,
अब नहीं रोक सकेगा मुझे तेरा कोई भी बहाना”।।
आख़िर में हमने हारकर कह ही दिया,
“एक शर्त पर करूंगा तेरी ये ज़िद्द पूरी,
पूछना होगा खुदा से कि क्युं छोड़ गई हमें वो एक मयूरी।“
दिल सुकून पाता हुआ बोला,
“ज़रूर पूछूंगा उनसे कि ये प्रेम कहानी क्यों रह गई अधूरी,
चल अब चलें उनके पास, अब बस मेरे लिए इतना ही है ज़रूरी”।।
By Prakul Garg
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