बिना कुछ कहे.....💔
- hashtagkalakar
- Jan 11
- 1 min read
Updated: Jan 18
By Prakul Garg
जिंदगी में जो इन्सान आता है,
वो खुशी के पल लाता है।
समय का खेल तो देखो,
बिना कुछ कहे, वही इन्सान चला भी जाता है।
मेरे लिए भी एक ऐसी हसीन परी आई थी,
जिसके साथ ने सारी मुश्किलें भुलाईं थी।
आज बस बचीं हैं उसकी यादें,
बिना कुछ कहे, वो भी चली गई थी।।
बाद में कहती “मैं फिर से आऊंगी,
तुम्हें एक शख्स से मिलवाऊंगी।“
हमें क्या पता था,
बिना कुछ कहे, उसका मन किसी और को चाहने लगा था।।
कश्मकश की राहें यूँ अलग हुईं,
कि ये सब होने से मैंने इतनी अच्छी मित्र खोई।
उसने ऐसे छोड़ा मेरा साथ,
बिना कुछ कहे, मेरी आत्मा तक रोई।।
फिर याद आया इस ज़िंदगी का राज़,
कि होता है हर किसी का अपना दिल-नवाज़।
तन्हाई ने इतना घेरा हमें,
बिना कुछ कहे, हमने बदला अपना अंदाज़।।
Comments