Rang Badalti Duniya

रंग बदलती दुनिया
इस रंग बदलती दुनिया में, कितने ही चेहरे मिलते हैं
कुछ दे जाते हैं दिल से खुशी, कुछ दर्द कुरेदते रहते हैं |
जीवन की इन तकलीफों से, हम हर दिन लड़ते रहते हैं
होठों पे लिए मुस्कान पर, हम फिर भी चलते रहते हैं ||

वक्त की इस रफ्तार में, हम सबको बहना पड़ता है
दिल पर पत्थर रखकर क्यों, हमें सब कुछ सहना पड़ता है |
पर फक्र है उस हिम्मत पर, जो हम पल में जुटा लेते हैं
कैसे खुद को हर नई सुबह, हम फिर से खड़ा कर लेते हैं ||

कैसे बचपन में गिर गिर कर, तुमने चलना सीखा है
समझ गए हो तब से ही, ये ही जीने का तरीका है |
क्या एक बार दम घुटने से, सांस लेना ही छोड़ दिया ?
क्यों तुमने तकलीफों में, खुशियों से मुँह मोड़ लिया ?

सूरज की पहली किरण भी, एक नई उमंग दे जाती है
लड़ने को अगर तैयार हो, हिम्मत ही तुम्हारी काफी है |
ये सूरज, ये चाँद-हवा, चलते रहने का इशारा है
आगे बढ़ने की कोई हद नहीं, ये आसमाँ तुम्हारा है ||

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